West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी मुकाबला तेज हो गया है। एक तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जहां कुछ दिन पहले जारी कर दिया था, तो दूसरी तरफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में बीजेपी का 'संकल्प पत्र' पेश किया। दोनों पार्टियों ने जनता को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वादे किए हैं, खासकर महिलाओं, युवाओं, किसानों और विकास को लेकर। आइए, जानते हैं कि दोनों पार्टियों के घोषणापत्र में क्या खास है।
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TMC का कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस
ममता बनर्जी ने सूबे के लोगों से 10 बड़ी 'प्रतिज्ञाएं' पेश की हैं, जिनका मकसद राज्य में कल्याणकारी योजनाओं को और मजबूत करना है। आइए, देखते हैं कि तृणमूल कांग्रेस के घोषणापत्र में किसके लिए क्या है:
- महिलाओं पर खास जोर: लक्ष्मीर भंडार योजना में ₹500 की बढ़ोतरी का वादा। सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने ₹1500 की जबकि SC/ST महिलाओं को ₹1700 की सहायता।
- स्वास्थ्य सेवाएं घर-घर: ‘दुआरे चिकित्सा’ योजना के तहत हर प्रखंड और कस्बे में हेल्थ कैंप लगेंगे, ताकि लोगों को घर के पास ही इलाज मिले।
- युवाओं के लिए मदद: ‘बंगालार युवा-साथी’ योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को ₹1500/माह जारी रहेगा।
- किसानों के लिए बड़ा ऐलान: 30,000 करोड़ रुपये का विशेष कृषि बजट।
- शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर: ‘बंगला शिक्षायातन’ के जरिए स्कूलों में सुधार और राज्य को पूर्वी भारत का व्यापारिक केंद्र बनाने की योजना।
ममता बनर्जी ने कहा कि ये घोषणाएं अगले 5 साल के विकास का रोडमैप होंगी और उनका लक्ष्य 'हर घर तक खुशहाली पहुंचाना' है।
बीजेपी ने किया रोजगार और सुरक्षा का वादा
बीजेपी ने अपने घोषणापत्र को 'संकल्प पत्र' नाम दिया है और इसे 'विकसित बंगाल' का रोडमैप बताया है। पार्टी ने महिलाओं और युवाओं को लेकर बड़ी घोषणाएं की हैं। आइए, जानते हैं कि बीजेपी के मुख्य वादे क्या-क्या हैं:
- महिलाओं के लिए बड़ी आर्थिक मदद: हर महिला को ₹3000 हर महीने देने का वादा और 33% सरकारी नौकरियों में आरक्षण।
- रोजगार और युवा: 5 साल में 1 करोड़ नौकरियां और बेरोजगारों को ₹3000 प्रति माह।
- सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत: 7वां वेतन आयोग लागू करने और DA देने का वादा।
- स्वास्थ्य और शिक्षा: आयुष्मान भारत लागू होगा, मुफ्त HPV टीका और कैंसर जांच। नॉर्थ बंगाल में AIIMS, IIT, IIM बनाने की बात।
- कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार: घुसपैठ पर सख्ती, 'कट मनी' और सिंडिकेट राज खत्म करने का वादा। TMC के 15 साल के शासन पर व्हाइट पेपर जारी करने की बात।
- अन्य बड़े वादे: समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का वादा। किसानों को सही दाम। मछुआरों और चाय बागानों का विकास। जूट उद्योग को आधुनिक बनाना।
बीजेपी ने नरेंद्र मोदी की 6 गारंटी को भी अपने घोषणापत्र में जोड़ा है, जिनमें भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, कानून-व्यवस्था सुधार और सरकारी सिस्टम को जनता के लिए काम करने वाला बनाना शामिल है।
महिलाओं के लिए दोनों ने क्या वादे किए?
- तृणमूल कांग्रेस: सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने लक्ष्मीर भंडार योजना को और मजबूत करते हुए महिलाओं को बड़ा तोहफा देने की बात कही है। सामान्य वर्ग की महिलाओं को अब हर महीने 1,500 रुपये और SC/ST महिलाओं को 1,700 रुपये मिलेंगे। ममता बनर्जी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने को अपनी प्राथमिकता बताया है।
- भारतीय जनता पार्टी: अपने संकल्प पत्र में बीजेपी ने महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक मदद देने का बड़ा ऐलान किया है। साथ ही सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण और महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस बल बनाने का वादा भी किया है।
दोनों के घोषणापत्र में और क्या नजर आया?
अगर दोनों दलों के घोषणापत्र की तुलना करें तो जहां टीएमसी का फोकस सामाजिक कल्याण, महिलाओं को सीधे आर्थिक लाभ, स्वास्थ्य और ग्रामीण पहुंच पर है, वहीं बीजेपी बड़े आर्थिक पैकेज, रोजगार, कानून-व्यवस्था और केंद्रीय योजनाओं के विस्तार पर दांव खेल रही है। दोनों पार्टियों के घोषणापत्र साफ दिखाते हैं कि इस बार चुनाव में महिलाओं, युवाओं और गरीब वर्ग को साधने की होड़ है। TMC जहां अपनी पुरानी योजनाओं को मजबूत कर भरोसा बनाए रखना चाहती है, वहीं BJP बड़े बदलाव और नई योजनाओं के जरिए सत्ता में आने की कोशिश कर रही है।